इंटरनेट कैसे काम करता है: एक विस्तृत और व्यापक गाइड

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इंटरनेट कैसे काम करता है: एक विस्तृत और व्यापक गाइड

इंटरनेट कैसे काम करता है

इंटरनेट एक ऐसा जाल है जो दुनिया भर के कंप्यूटरों, सर्वरों और अन्य उपकणों को एक साथ जोड़ता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की तकनीक।

अधिक जानें
इंटरनेट नेटवर्क

भूमिका: इंटरनेट - एक अद्भुत रहस्य

इंटरनेट एक ऐसी चीज़ है जिसका हम रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं, लेकिन शायद ही कभी हम सोचते हैं कि यह वास्तव में कैसे काम करता है। यह एक ऐसा जाल है जो दुनिया भर के कंप्यूटरों, सर्वरों और अन्य उपकणों को एक साथ जोड़ता है।

इंटरनेट के मुख्य घटक

सर्वर

डेटा स्टोर करते हैं

शक्तिशाली कंप्यूटर जो डेटा और सेवाएं प्रदान करते हैं

क्लाइंट

डेटा एक्सेस करते हैं

उपकण जो सर्वर से डेटा का अनुरोध करते हैं

राउटर

डेटा को रूट करते हैं

नेटवर्क उपकण जो डेटा पैकेट्स को सही गंतव्य तक पहुंचाते हैं

उपग्रह

वायरलेस कनेक्शन

दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं

भाग 1: इंटरनेट का मूल सिद्धांत

बिंदु 1: इंटरनेट की परिभाषा

सबसे बुनियादी स्तर पर, इंटरनेट (Internet) शब्द "Interconnected Networks" (आपस में जुड़े हुए नेटवर्क) से लिया गया है।

  • यह कोई एक एकल कंप्यूटर या सर्वर नहीं है, बल्कि यह अरबों कंप्यूटरों, स्मार्टफोन, सर्वर, और अन्य उपकणों का एक वैश्विक समूह है जो एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
  • ये उपकण विभिन्न प्रकार के केबल (जैसे फाइबर ऑप्टिक, कोएक्सियल), वायरलेस कनेक्शन (जैसे Wi-Fi, सेल्युलर नेटवर्क), और उपग्रहों के माध्यम से संवाद करते हैं।

बिंदु 2: क्लाइंट-सर्वर मॉडल

इंटरनेट पर अधिकतर संचार क्लाइंट-सर्वर मॉडल पर आधारित होता है।

क्लाइंट-सर्वर मॉडल

क्लाइंट

अनुरोध भेजता है

उपयोगकर्ता का उपकण जो सर्वर से जानकारी मांगता है

संचार

डेटा आदान-प्रदान

क्लाइंट और सर्वर के बीच डेटा का आदान-प्रदान

सर्वर

प्रतिक्रिया देता है

शक्तिशाली कंप्यूटर जो क्लाइंट के अनुरोध को पूरा करता है

भाग 3: डेटा की यात्रा

अब हम एक उदाहरण लेकर देखेंगे कि जब आप www.example.com टाइप करते हैं तो क्या होता है।

चरण 1
URL टाइप करना
URL टाइप करना

आप अपने वेब ब्राउज़र के एड्रेस बार में www.example.com टाइप करते हैं और Enter दबाते हैं।

चरण 2
DNS लुकअप
DNS लुकअप

आपका कंप्यूटर DNS सर्वर से www.example.com का IP एड्रेस पूछता है।

चरण 3
TCP हैंडशेक
TCP हैंडशेक

क्लाइंट और सर्वर के बीच एक विश्वसनीय कनेक्शन स्थापित किया जाता है।

चरण 4
राउटिंग
राउटिंग

डेटा पैकेट्स को राउटर्स के माध्यम से सही गंतव्य तक पहुँचाया जाता है।

चरण 5
सर्वर प्रोसेसिंग
सर्वर प्रोसेसिंग

सर्वर अनुरोध को प्रोसेस करता है और वेबपेज तैयार करता है।

चरण 6
प्रतिक्रिया
प्रतिक्रिया

सर्वर वेबपेज को पैकेट्स में बाँटकर आपके कंप्यूटर पर वापस भेजता है।

DNS लुकअप डेमो

परिणाम:

...

भाग 4: इंटरनेट की गहरी परतें - OSI मॉडल

इंटरनेट की जटिलता को समझने के लिए, तकनीकी विशेषज्ञ OSI (Open Systems Interconnection) मॉडल का उपयोग करते हैं। यह एक वैचारिक मॉडल है जो नेटवर्किंग की प्रक्रिया को सात परतों (Layers) में विभाजित करता है।

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एप्लिकेशन लेयर
यह वह परत है जिसका उपयोगकर्ता सीधे संपर्क करता है। वेब ब्राउज़र, ईमेल क्लाइंट आदि इसी परत पर काम करते हैं।
6
प्रेजेंटेशन लेयर
डेटा को एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में अनुवाद करती है। डेटा एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन भी संभालती है।
5
सेशन लेयर
दो उपकणों के बीच एक सत्र या बातचीत स्थापित करती है, उसे बनाए रखती है, और समाप्त करती है।
4
ट्रांसपोर्ट लेयर
एंड-टू-एंड कनेक्शन और विश्वसनीयता प्रदान करती है। TCP और UDP प्रोटोकॉल इसी परत पर काम करते हैं।
3
नेटवर्क लेयर
लॉजिकल एड्रेसिंग (IP एड्रेसिंग) और राउटिंग के लिए जिम्मेदार है। IP प्रोटोकॉल इसी परत पर काम करता है।
2
डेटा लिंक लेयर
एक ही नेटवर्क के भीतर नोड्स के बीच डेटा ट्रांसफर करती है। MAC एड्रेसिंग का उपयोग करती है।
1
फिज़िकल लेयर
वास्तविक भौतिक माध्यम से डेटा के रॉ बिट्स को स्थानांतरित करने के लिए जिम्मेदार है।

भाग 5: इंटरनेट का भौतिक बुनियादी ढांचा

इंटरनेट सिर्फ क्लाउड में नहीं है; इसका एक विशाल और ठोस भौतिक अस्तित्व है।

अंडरसी केबल
अंडरसी केबल

दुनिया के अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट ट्रैफिक अंडरसी फाइबर ऑप्टिक केबलों के माध्यम से जाता है। ये महाद्वीपों को जोड़ती हैं और वैश्विक संचार की रीढ़ की हड्डी हैं।

डेटा सेंटर
डेटा सेंटर

डेटा सेंटर वे इमारतें हैं जहाँ हज़ारों सर्वर 24/7 चलते रहते हैं। ये इंटरनेट के "दिमाग" हैं।

इंटरनेट एक्सचेंज पॉइंट
इंटरनेट एक्सचेंज पॉइंट

IXP एक भौतिक स्थान है जहाँ विभिन्न ISP, CDN, और बड़ी कंपनियाँ अपने नेटवर्क को एक दूसरे से सीधे जोड़ती हैं।

निष्कर्ष

इंटरनेट केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि मानव सहयोग और नवाचार का एक अद्भुत उदाहरण है। जब आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो आप एक ऐसी प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं जिसमें दुनिया भर के हज़ारों मील के केबल, अरबों लाइनों का कोड, और कई नेटवर्किंग उपकण शामिल होते हैं, जो सभी मिलकर मिलीसेकंड में काम करते हैं।

यह एक ऐसा सिस्टम है जो लगातार विकसित हो रहा है और भविष्य में हमारे जीवन को और भी अधिक जोड़ेगा। इसकी जटिलता के बावजूद, इसका मूल सिद्धांत सरल है: जानकारी को पैकेट में बाँटो, सही पता लगाओ, और सबसे तेज़ रास्ते से भेजो। यही है इंटरनेट का काम करने का जादू।

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